अनकही जिन्दगी
- radhakguru
- Oct 3, 2020
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जिन्दगी में कितनी बातें अनकही छिपी होती है जिसे महसूस करते हैं पर कह नहीं पाते।चाहे वो बातें बचपन, जवानी या बुढ़ापे की हो सब - मन के समुद्र में लहरों के समान उथल-पुथल हो कर शान्त हो जाती है कभी एक लहर उठती तो दूसरी ओर समा जाती है क्या इसे ही जिन्दगी कहते हैं जिन्दा रहने का अहसास है हमें ,और अनकही बातों का खजाना भी है मेरे पास। आपके पास भी यह खजाना होगा संभालकर रखिए...!


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