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मकरसंक्रांति और हम

  • radhakguru
  • Jan 14, 2021
  • 1 min read

सचमुच खुशी का पर्व, मनाते जा रहें हैं हम सब उत्साह के साथ, उम्र ७०+में जहां तक याद है तिल का प्रयोग नहाने के साथ खाने तक किया जाता रहा है ठण्ड भी प्रचंड होती है इस समय।न न‌ प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं जो हमारे स्वाद को मीठा करते हैं बचपन में जितनी खुशी होती थी अब उसका अभाव पर बच्चों के आनंद में अपना आनंद है -राधाकृष्ण गुरू

 
 
 

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